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Saturday, 22 April 2017

रातभर

आपकी याद रह रह के आती है रात भर
चाँदनी पल पल दिल दुखाती है रातभर

कभी जलती कभी बुझती है धीमे धीमे
शमाँ पलकों पे झिलमिलाती है रातभर

इक खुशबू भीनी भीनी सी मदहोश करे *
एक तस्वीर मीठी से मुस्कुराती है रात भर

हर आहट पे गुमा आपका ही होता है
हवाएँ आपका एहसास दिलाती है रात भर

ख्याल आपका दिल को बहलाता है मेरे
आपका हो जाने की तमन्ना सताती है रात भर*
 
      #श्वेता🍁


5 comments:

  1. आपकी याद रह रह के आती है रात भर
    चाँदनी पल पल दिल दुखाती है रातभर

    ख्याल आपका दिल को बहलाता है मेरे
    आपका हो जाने की तमन्ना सताती है रात भर....

    खूबसूरत ख्याल ।। श्वेता जी,,,,,

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    1. बहुत बहुत आभार शुक्रिया P.K ji

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  2. https://girijeshthepoet.blogspot.in/search?q=lust

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  3. हर आहट पे गुमा आपका ही होता है
    हवाएँ आपका एहसास दिलाती है रात भर ...
    वाह बहुत ही लाजवाब शेर ... रात का धुंधलका क्या क्या राद दिलाता है ...

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    1. जी तहे दिल से बहुत आभार आपका दिगंबर जी, शुक्रिया आपकी सुंदर प्रतिक्रिया के लिए।

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